तत्त्व दर्शी संत

सन्तो की शिक्षा
बिन सतगुरु सेवे जोग न होइ।
बिन सतगुरू भेंटें मुक्ती न कोई

संतों की शिक्षा हमारे जीवन मे वांछित परिवर्तन ला सकती है।

 संतों की शिक्षा से आएगा जीवन में बदलाव

जीवन में बदलाव के लिए संतों की शिक्षाओं को आधार बनाना होगा। संत हमेशा मानवता के  ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। और सतभक्ति से हमारा कल्याण यानी मोक्ष प्रदान करते हैं।
संतों की शिक्षा से आएगा जीवन में बदलाव
जीवन में बदलाव के लिए संतों की शिक्षाओं को आधार बनाना होगा। संत हमेशा इंसानियत और ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। हमारा व्यवहारिक जीवन तभी सुंदर बन सकता है जब हम सार्थक सोच अपनाएं व वाणी में मधुरता लाएं।

ब्रह्मज्ञान को प्राप्त करना ही काफी नहीं बल्कि यह हमारे रोम-रोम में बस जाना चाहिए। जैसा कि तत्त्व दर्शी संत रामपाल जी महाराज ने कहा कि अगर ह्दय में ज्ञान बसा रहेगा तो मन में श्रेष्ठ विचार ही जन्म लेंगे। उन्होंने सतगुरु  कहा कि परमात्मा का सुमिरन विशेष महत्व रखता है।

सुमिरन से मन को जोडऩे से जहां सतगुरु की शिक्षा हमारे आचरण में आएगी वहीं भक्ति भी परिपक्व होगी। गुरू और साधु संगत से जोडऩे वाला हमारा सच्चा मित्र होता है और जो हमें इनसे दूर ले जाए वह हमारा हितैषी नहीं हो सकता।
तत्त्व दर्शी संत हमें परमात्मा पाने की विधि बताता है जिससे हम अज्ञान रुपी मोह को प्राप्त नही होगा ।
तत्त्व दर्शी संत रामपाल जी महाराज कहते हैं-
गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते ज्ञान।
गुरू बिन दोनों निष्फल हैं, पूछो वेद पुराण।
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