खराब शिक्षा का स्तर
हमारे देश में शिक्षा का स्तर ऐसा है।लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।जबकि शिक्षा ही देश का भविष्य है।
1. ग्रामीण खेत्रों के विद्यालयों में शिक्षा के लिए मूलभूत सुविधाओं की स्थिति अत्यंत खराब है। यहां पर कक्षा के कमरे, प्रयोगशालाएं, शौचालय, फर्नीचर, ब्लैक बोर्ड, खेल के मैदान एवं पीने की पानी की सुविधाएं नहीं हैं और अगर हैं भी तो बहुत खराब स्थिति में हैं।
1. ग्रामीण खेत्रों के विद्यालयों में शिक्षा के लिए मूलभूत सुविधाओं की स्थिति अत्यंत खराब है। यहां पर कक्षा के कमरे, प्रयोगशालाएं, शौचालय, फर्नीचर, ब्लैक बोर्ड, खेल के मैदान एवं पीने की पानी की सुविधाएं नहीं हैं और अगर हैं भी तो बहुत खराब स्थिति में हैं।
2. लड़कियां स्कूलों में सुरक्षित नहीं हैं एवं उनके शौचालयों की व्यवस्था या तो विद्यालयों में नहीं है या बहुत खराब स्थिति में है। इस कारण माता-पिता लड़कियों को इन विद्यालयों में भेजने में हिचकते हैं।
3. सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, यहां तक कि शहरी क्षेत्रों में भी विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं विशेषकर गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी के शिक्षकों की कमी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में आड़े आ रही है।
4. सरकारी स्कूलों में बच्चे उपस्थित नहीं रहते, क्योंकि माता-पिता बच्चे का नाम लिखवाकर उसे स्कूल भेजने की बजाय अपने साथ मजदूरी पर ले जाते हैं एवं कभी-कभार ही वह विद्यालय आता है।
5. शिक्षकों का अध्यापन में उत्साहपूर्वक हिस्सा न लेना भी सरकारी स्कूलों में गिरते शिक्षा के स्तर का एक प्रमुख कारण है।

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